विडंबना : खंडहर बन चुके रेफरल अस्पताल में खुलेगा सरकारी नर्सिंग कॉलेज !

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सहरसा/ सिमरी बख्तियारपुर (ब्रजेश भारती) : सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल का 34 वर्ष से खंडहर बना रेफरल अस्पताल के अब दिन अच्छे आने वाले है, इस खंडहर में महिलाओं के लिए सरकारी नर्सिंग कॉलेज खुलने की कवयाद हो रही है।अवुमंडलीय प्रशासनिक सूत्रो की माने तो खंडहर की जमींन पर चकाचक सरकारी नर्सिंग कॉलेज खोला जा सकता है। नर्सिंग कॉलेज के खुल जाने से सबसे अधिक लाभ इस इलाके के उन गरीब लड़कीयों व महिलाओं को मिलेगा जो पैसे की मज़बूरी के कारन वाहर पढाई नहीं कर पाती थी। चुकी नर्सिंग एक व्यवसायिक पाठयक्रम है, इसीलिए संभावना जताई जा रही हे की ये कोर्स काफी सफल एवं पसंदीदा होगा।

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सरकारी नर्सिंग कॉलेज खुलने से सिमरी बख्तियारपुर के बहुरेंगे दिन।
अनुमंडल के अलावा परोसी प्रखंड के भी लोगो को मिलेगा लाभ- सरकारी आदेश के बाद अंचल प्रसाशन ने तेज कि गतिविधी।
सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल मुख्यालय में ये नर्सिंग कॉलेज खुल जाती हे तो सिमरी बख्तियारपुर, सलखुआ, बनमा इटहरी के अलावा सोनबरसा राज, सौर बाजार प्रखंड के लड़कियॉ व महिलाओं खासकर ग्रामीण क्षेत्र में रहने वालो अधिक लाभ मिलेगा।
राज्यपाल ने किया था शिलान्यास- 
16 मार्च 1982 को बिहार के तत्कालीन राज्यपाल डॉ ए आर किदवई ने सिमरी बख्तियारपुर में इस रेफरल अस्पताल का निर्माण का आधारशिला रखा था। उस ऐतिहासिक मौके पर तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ जगन्नाथ मिश्र मुख्य अतिथि, तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डॉ उमेश्वर प्रसाद वर्मा बिशिष्ठ अतिथि थे। शिलान्यास कार्यक्रम का अध्यक्षता तत्कालीन उत्पाद मंत्री चौधरी मो सलाउद्दीन ने किया था। उस वक्त क्षेत्रीय विधायक चौधरी सलाउद्दीन साहब जो वर्तमान खगड़िया सांसद चौधरी महबूब अली केसर के पिताजी है कि काफी तारिफ कि गई कि इस अस्पताल के खुलने से क्षेत्र के लोगो की बड़ी समस्या का निदान हो जायेगा लेकिन समय के साथ भवन का तो निमार्ण हुआ लेकिन चालु नही हो पाया जो आज खंडहर में तब्दील हो गया है।

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भवन निर्माण का कार्य जोड़ शोर से हुआ था प्रारम्भ-
राज्यपाल डॉ ए आर किदवई के रेफरल अस्पताल का शिलान्यास हो जाने के बाद भवन निर्माण का कार्य जोड़ शोर से चला। कई भवन बनकर तैयार भी हुआ। लेकिन फण्ड के अभाव एवं स्वास्थय विभाग की अनदेखी के कारन रेफरल अस्पताल प्रारम्भ नहीं हो सका। धीरे धीरे भवन जर्जर होते गया। वर्तवान समय में भवन पूरी तरह से जर्जर हो गया है। कुछ समय भवन के अभाव में नव सृजित विद्यालय रामटोला इसी जर्जर रेफरल अस्पताल में संचालित हुआ था।