नशाबंदी से ज्यादा जरूरत अपराध बंदी की है – चेतन आनंद

1402
हम (से०) के छात्र राष्ट्रीय अध्यक्ष चेतन आनंद (फोटो -फाइल )

सहरसा :महागठबंधन की सरकार में अपराधियों और उग्रवादियों की समानांतर सरकार चल रही |राज्य में सुशासन शब्द मजाक बनकर रह गया है,हर जगह हत्या,लुट,बलात्कार,अपहरण,रंगदारी,चोरी,डाका का तांडव बदस्तूर जारी है | अपराधी तो अपराधी ,महागठबंधन के माननीय पर से भी सुबे के मुख्यमंत्री का नियंत्रण उठ चूका है |राजद विधायक राजबलल्लभ यादव एक महिला के साथ बलात्कार कर जेल जाते है तो कांग्रेस विधायक सिदार्थ एक नवालिग लड़की को अगवा करता है तो सत्ताधारी जद यु विधायक सरफराज राजधानी में महिलाओ के साथ छेड़खानी करता है,वही विधायक गोपाल मंडल खुलेआम समारोह में हथियार उठाने तथा खून की नदियाँ बहाने की बात करता है ,एक जद यु  विधान पार्षद राणा गंगेस्वर राष्ट्रगान को गुलामी का प्रतीक कहते है तो राजद एमलसी  मनोरमा देवी का बिगड़ैल बीटा गया के एक व्यवसायी पुत्र को ओवरटेक के कारण गोली मार कर हत्या कर देता है आखिर बिहार में ये सब क्या हो रहा है ?उपरोक्त बातें छात्र हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष चेतन आनंद ने राज्य में गिरती विधि-व्यवस्था पर फ्रेंड्स ऑफ आनंद के गंगजला स्थित कार्यालय में बैठक में कही |

श्रोत : पवन
श्रोत : पवन

राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री चेतन ने कड़े लहजे में आगे कहा की नशा भी कई तरह के होते है शराब का नशा,गांजा का नशा,अफीम,तम्बाकु का नशा,धन का नशा,ताकत का नशा,यश का नशा,सत्ता का नशा | श्री आनंद ने कहा की बिहार के मुखिया पर यश का नशा सर चढ़ कर बोल रहा है |पिछले दस वर्षो में गाँव और गली-गली यही तक की मंदिर,मस्जिद और स्कूल के बगल में भी शराब की दुकान खोलकर राजस्व लुटने वाले मुख्यमंत्री अब शराबबंदी के नाम पर यश लुटने में लगे है |

आज की बैठक में गया में गत दिनों घटित आदित्य सचदेवा हत्याकांड की एक स्वर से तीव्र निंदा की गई |बैठक के बाद फ्रेंड्स ऑफ आनंद के प्रधान महासचिव राजन आनंद के नेत्व्त्व में संगठन और हम (से०) के कार्यकर्ताओ ने विरोध मार्च कर शहर के वीर कुवर सिंह चौक पर राज्य सरकार का पुतला दहन किया |पुतला दहन में प्रदर्शन में पुर्व वार्ड आयुक्त अनीता कुशवाहा,मुकुल सिंह,विनय यादव,शंभू सिंह ‘मुख्यमंत्री’ ,रोहिन दास,मणि देवी,अजय झा,सोनु सिंह,मो० अली भुट्टो,डिग्री सिंह,राजीव सिंह,मुंशी जी,सरोज सिंह,अंकित सहित फ्रेंड्स ऑफ आनंद के दर्जनों कार्यकर्त्ता मोजूद थे |