लालच : बदस्तूर जारी है लॉटरी का खेल !

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सांकेतिक तस्वीर

अररिया (Harendra Kumar)  जिला के फारबिसगंज में बड़ी तेजी से लॉटरी माफियाओं का जाल फैलता जा रहा है। लॉटरी के माफिया बड़ी सुनियोजित तरीके से लोगों को इस ओर आकर्षित कर रहे हैं यह खेल पुलिस प्रशासन के रहते हुए से शहर भर में हर चौक चौराहे पर खुले आम चल रहा है। इस कारोबार से जुड़े लोग कम पढ़े लिखे या मजदूर तबके के लोगों को अपनी स्कीम का लालच देकर प्रभावित कर रहें हैं। इसके लिए सैकड़ों की संख्या में लॉटरी बेचने वाले एजेंटों को भी कमीशन पर बहाल किया गया है। लॉटरी के एजेंट लोगों को हर हफ्ते लॉटरी के ड्रॉ होने की बात कहते हैं। वहीं इन लोगों ने चाय दुकान एवं पान दुकान चलाने वालों को टारगेट किया हुआ है। जो स्कीम का झांसा देकर उनको लॉटरी बेच रहें हैं।images (26)

  • लालच में फंस रहें हैं लोग:

यहां के गरीब लोग स्कीम के लालच में इन माफियाओं के जाल में लगातार फंसते ही जा रहें है। लॉटरी में पैसा लगाने वालों को यह लग रहा है कि अगली बार लॉटरी में उनका ही नम्बर आएगा । जिस लालच में लोग लगातार इसमें पैसा लगाते ही जा रहें है। कई लोगों ने बताया कि इसमें पैसा लगाने वालों को नशे के लत की तरह इसका लत लगता जा रहा है। मजदूरी कर अपना जीवन यापन चलाने वाले लोग अपने दिन भर की कमाई इस लॉटरी के पीछे लूटाते जा रहें है। जानकारों का मानना है कि सैकड़ों की संख्या में ऐसे लोग हैं जिनका घर परिवार इस लॉटरी के पीछे बरवाद हो चूका है |

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  • नशे के लती युवाओं को जोड़ा है माफियाओं ने:

लॉटरी का कारोबार चलाने वाले माफियाओं ने नशे के लती युवाओं को अपने करोबार में शामिल कर रखा है। ये लड़के मजदूरों को बड़ी आसानी से लॉटरी बेच रहें है। इसके एवज में इनको इसका कमीशन भी दिया जा रहा है।

  • कई तरह की है स्कीम: 

लॉटरी के नाम पर कई तरह के स्कीमों की जानकारी लोगों की दी जाती है। 5,10 एवं 15 रूपये में लॉटरी की टिकट लोगों को बेचा जाता है। जिसमें दस हजार रूपये से लेकर पांच सौ रूपये तक का ईनाम मिलने की बात लोगों को कही जाती है। लॉटरी बेचने का खेल पूरे हफ्ते खेला जाता है। सप्ताह के अंतिम दिन इसका ड्रॉ भी निकाला जाता है। जिसमें कुछ लोगों को ड्रॉ निकाल कर ईनाम भी दे दिया जाता है। अन्य लोग दूसरी बार लॉटरी फंसने की आस में लगातार इसमें पैसा लगाते ही जा रहें है। जानकारी के अनुसार हजारों की संख्या में लोग हर हफ्ते इस खेल में पैसा लगाते जा रहें हैं।

  • बंगाल से जुड़ा अवैध लॉटरी का तार :  

अमीर बनने के चक्कर में लोग दिन-प्रतिदिन बर्बाद होता जा रहा है। लॉटरी खेलने वाले में सबसे अधिक युवा व मजदूर वर्ग शामिल हैं। इस अवैध कारोबार का तार पश्चिम बंगाल से जुड़ा है। जिला मुख्यालय में चार लॉटरी एजेंसी सक्रिय है। ऐसा नहीं है कि प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं है। लेकिन एजेंसी पर किसी प्रकार की कार्रवाई क्यों नहीं होती यह बात समझ से परे हैं। हालांकि प्रशासन ने यह दावा किया है कि लॉटरी विक्रेता की धर-पकड़ के लिए समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। एजेंसी संचालक घरों में चोरी-छिपे लॉटरी बेचते हैं। सुबह से ही खुदरा विक्रेताओं की भीड़ एजेंसी के घरों में देखी जा सकती है। सूत्र बताते हैं कि एजेंसी मालिकों का सीधा संबंध कोलकाता की एजेंसी से है।

पुलिस अधीक्षक सुधीर पोरीका का कहना है की इस तरह के अवैध कारोबार को शहर में चलने नहीं दिया जाएगा। पुलिस इस मामले की छानबीन कर शहर में छापामारी भी करेगी। इस कारोबार से जुड़े लोगों को भी बख्शा नहीं जाएगा।