बी०एन०एम०यु – 5 माह पुर्व नामांकन 1 माह पुर्व फॉर्म और अब परीक्षा !

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परीक्षा केंद्र के बाहर भीड़

(koshixpress desk )

चर्चाओ मे रहता विश्वविधालय

बीएनएमयू मधेपुरा  प्रशासन जिन्होंने इस बार पूर्ण रूप से कदाचार मुक्त परीक्षा ले रहें है। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन को भी  इस बात पर भी ध्यान देना होगा की कोई छात्र 5 महीने पूर्व जो नामांकन करवाया । 1 महीना पहले जो फॉम भड़ा, उसका 75% उपस्थिति कैसे पूरा हुआ। क्या उसका कोर्स पूरा हो गया है। ऐसी स्तिथी में अगर छात्र असफल होते है तो उसके जिंदगी बर्बाद करने का तैयारी क्यों। इसकी जिम्मेवारी किसकी है। पूर्व में कदाचार मुक्ति परीक्षा का परिणाम ये हुआ था कि 500 छात्रो में से 100 छात्र ही सफल हो पाया था। जिसके बाद छात्रों ने खुद बिना किसी छात्र संगठन के मदद से अपनी भविष्य से खिलवाड़ करने के खिलाप आवाज उठाया,लेकिन बाद में एबीवीपी मधेपुरा सहित अन्य छात्र संगठनों के मदद से उन्होंने अपनी मांगे को यूनिवर्सिटी प्रशासन से मनवाया।आज सभी सरकारी महाविद्याल में सी सी टी वी कैमरा लगा है। जैमर लगा हुआ है। जिससे मोबाइल काम नही करें,

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छात्र नेता सह परीक्षार्थी मुरारी ने लिखा है कि में खुद पार्वती विज्ञान महाविद्यालय में एग्जाम दे रहा हूँ। जहाँ न तो पानी पीने का व्यबस्था है नही न ही इस चिल-चिलाती धुप और  उड़ते धूल से बचने का कोई ब्यबस्था। जब मुख्य गेट पर सघन चेकिंग किया जाता है तो फिर अंदर में छात्रो को बार-बार परेसान करने की क्या जरूरत है। मेरा सत्र 12-15 है लेकिन परीक्षा अभी दे रहा हूँ, आगे लगभग 18000 कलर्क का बहाली होने जा रहा है जिसमे स्नातक में शामिल  छात्र भी वह फॉम भर  सकते है लेकिन उसे जून में होने वाले इंटरव्यू में सर्टिफिकेट जमा करना होगा। क्या ऐसे में यूनिवर्सिटी हम छत्रों को जून में सर्टिफिकेट दे सकती है।
ऐसे स्थिति कास छात्रों को पढ़ाने के लिए किया हुआ होता तो बात ही कुछ होता | इस समस्याओं का मण्डल यूनिवर्सिटी प्रशासन को जवाब देना होगा की ऐसी स्थिति में छात्र क्या करें।
मुरारी कुमार मयंक के ब्लॉग से