देह व्यापार – मस्ती,मजबुरी या जुर्म !

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(koshixpress डेस्क)भारत-बंगलादेश, नेपाल अंतराष्ट्रीय एवं अंतर्राज्यीय सीमाओं से सटे चिकेन नेक कहे जाने वाले किशनगंज जिले में इन दिनों देह व्यापार का धंधा काफी फल-फूल रहा है। शहर के खगड़ा स्थित रेड-लाईट एरिया में कम उम्र की लड़कियों को इस कीचड़ में उतारा जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि बंगाल, नेपाल, सिक्कीम और कई जगहों से कम उम्र की लड़कियों को दलाल द्वारा खगड़ा रेडलाईट एरिया में बेचकर उनसे देह व्यापार कराया जाता है। शाम होते ही इस बदनाम गली में शहर के सफेद पोश से लेकर.. तक को देखा जाता है। वही सूत्रों का कहना है इस गली में शाम होते ही लड़कियां सड़क पर खड़ी होकर आदमी को जबरदस्ती पकड़कर ले जाते हैं। खगड़ा रेड लाइट ऐरिया ही नहीं बल्कि शास्त्री मार्ग स्थित कटहलबाड़ी,प्रेमनगर बहादुरगंज,बिशनपूर,समेशर व ठाकुरगंज सहित जिले के कई जगहों में देह व्यापार का गौरख धंधा धडल्ले से फल-फूल रहा है।जबकि जिले के पुलिस भी समय-समय पर इन जगहों में छापेमारीकर लड़कियों को बरामद कर और दलालों को जेल भेजते हैं। छापेमारी के कुछ दिनों तक यह धंधा बंद रहता है और फिर से वही रामा वही खटोलवा। वहीं अपराध अनुसंधान विभाग पटना के ज्ञापांक 783/13/87/एफ/भी/पटना के आदेश एवं परिपत्र में सभी आरक्षी अधीक्षक (रेल सहित) को वेश्यावृति दमन कानून के कार्यान्वयन हेतु लिखा गया था। जिसमें स्पष्ट है कि विभाग द्वारा हुई लागातार छापेमारी के बावजूद यह धंधा बरकरार और पूर्ववत है। इस विभागीय आदेश में स्पष्ट लिखा है कि सामाजिक कुरीति से निपटने हेतु संशोधित पीआईटी एक्ट का इस्तेमाल हो। उधर,वेश्यावृति दमन कानून में कई संशोधन लोकसभा द्वारा 22 नवंबर 78 को तथा राजसभा द्वारा 04 दिसंबर 78 को पारित हुई थी जो 25 दिसम्बर78को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद अधिनियम46/1178 एक्ट कहलाया इस अधिनियम की विस्तृत प्रविष्टियां भी विभागने सभी पुलिस अधिकारि यों को पूर्व से ही भेज रखी है। वेश्यावृति दमन कानून का लचीलेपान भी देह व्यापार के इजाफे का कारण बना है। धारा 3,4,5 के कार्यान्वयन में जहां अपराधियों पर सख्ती होती है,वही धारा 18 में पुनर्वास के लिए च्च्छुक महिलाओं से लिखित आवेदन लिया जासकता है।धारा 10में पकड़ी जानेवाली महिलाओं के भावी आचरण की परख व्यवस्था है।इस अपराध में ही कई बार पकड़े गए या दंडित किए गए व्यक्तिगत नियंत्रण के लिए धारा 11 में व्यवस्था है। पेशे में डाली गई लड़कियों के उद्धार के लिए धारा 15,16, और 17 में व्यवस्था है। कानूनी रूप से वेश्यालयों को बन्द करके वेश्यावृति में लगी महिलाओं को इस क्षेत्र से हटाने के लिए धारा 18 और 20 में व्यापक व्यवस्था है।

श्रोत- पत्रकार  Dharmendra Singh के पेज से ….फोटो-google