कथाकार और रंगकर्म स्व० डा० मनोरंजन झा को उनकी सातवीं पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रधांजलि अर्पित की….

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सहरसा। विश्व रंगमंच दिवस के अवसर पर रविवार को सहरसा के रंगकर्मियों ने साहित्यकार, कथाकार और रंगकर्म स्व० डा० मनोरंजन झा को उनकी सातवीं पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रधांजलि अर्पित की। स्थानीय मत्स्यगंधा में आयोजित सभा में वक्ताओं ने एक स्वर में यह माना कि डा० मनोरंजन झा की कमी की भरपाई इस इलाके में आने वाले समय में रंगकर्म को नहीं पूरा होने वाला है। पंचकोसी सांस्कृतिक मंच द्वारा आयोजित इस समारोह में काफी संख्या में रंगकर्मी मौजूद थे। संस्था के सचिव अभय मनोज के संचालन में शुरू कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए  मुक्तेश्वर प्रसाद डा० झा के साहित्य और रंगकर्म के क्ेत्र में योगदान की सराहना की और कहा की वे जितने बड़े साहित्यकार थे उतने ही बड़े रंगकर्मी। संस्था के सचिव ने कहा कि रंगमंच के विकास के लिये डा० मनोरंजन झा हरवक्त सोचते रहते थे। इसी का परिणाम है की विश्व रंगमंच दिवस के पावन मौके पर हम उनकी सातवीं पुण्यतिथि मनाकर उन्हें याद करने के साथ श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहे है। संस्था के अध्यक्ष खुश कुमारी ने कहा की साहित्य व् रंगकर्म में सहयोग केलिए कोसी का इलाका डा० मनोरंजन झा को कभी भुला नहीं सकता है। इस अवसर पर श्वेता कुमारी, सुमित कुमार, अमित कुमार जयजय, सुधांशु शेखर, संत कुमार मिश्रा, मनोज कुमार राजा, गुड्डू, जीतेन्द्र अमर, रंजन कुमार, सत्य प्रकाश झा आदि मौजूद थे। जेपी आंदोलन में सक्रिय रहने वाले डा० मनोरंजन झा का 27 मार्च 2009 को देहांत हो गया था। डा० के पुण्यतिथि के अवसर पर इनके गांव नौहट्टा थाना के मुरादपुर के पास विधायक मद से स्मृति द्वार बन कर तैयार हुआ। मुरादपुर नौहट्टा पथ पर रमोती गांव से पहले बने इस स्मृति द्वार को रविवार से आम लोगों को समर्पित कर दिया गया।