कोसी महोत्सव का भव्य उद्घाटन !

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कोसी महोत्सव का उद्घाटन करते सूबे के मंत्री,डीएम,एसपी एवं अन्य

सहरसा। कोसी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं विशिष्टता को राजकीय व राष्ट्रीय मानचित्र पर उभारने के उद्देश्य से कोसी महोत्सव के आयोजन का सफर 2002 में शुरू हुआ | कोसी इलाके में कला और संस्कृति का विराट समागम कोसी महोत्सव का शनिवार को भव्य उद्घाटन किया गया।महोत्सव का उद्घाटन करते अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मंत्री एवं अन्य

पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से आयोजित दो दिवसीय महोत्सव का उद्घाटन पर्यटन मंत्री अनीता देवी द्वारा किया जाना था । लेकिन किसी कारणवश उनके नहीं आने पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री अब्दुल गफूर ने दीप प्रज्वलित कर इसका उद्घाटन किया। वर्ष 2002 में तत्कालीन मंत्री अशोक कुमार सिंह के प्रयास से शुरू हुआ यह महोत्सव धीरे धीरे अपनी भव्यता खोता जा रहा है। इसका जीता जागता नमूना महोत्सव के उद्घाटन दिन देखने को मिला। जिले के एक भी निमंत्रित विधायक या विधान पार्षद सहित दो मंत्री विजेंदर यादव एवं प्रो0 चंद्रशेखर यादव इस यादगार मौके पर उपस्थित नहीं हुए।स्मारिका विमोचन करते अथिति

 

इतना ही नहीं जिन दो सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव और चौधरी महबूब अली कैशर को समारोह में शिरकत का न्योता भेज गया था वे भी नहीं पहुंचे। जिला प्रशासन के महज तीन अधिकारी डीएम विनोद सिंह गुंजियाल, एसपी अश्वनी कुमार और डीडीसी दरोगा प्रसाद यादव ही समारोह में सक्रीय दिखे। इस अवसर पर अपने उद्घाटन भाषण में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री प्रो0 गफूर ने कहा की महोत्सव के आयोजन से सामाजिक समरसता बढ़ता है।

सभा को संबोधित करते सूबे के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री
सभा को संबोधित करते सूबे के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री

उन्होंने महोत्सव के मंच से घोषणा की कि शहर को जलजमाव से बहुत जल्द मुक्ति मिलने वाला है क्योंकि सरकार मास्टर नाला की मंजूरी दे दी है। महोत्सव को और भव्य करने की आवश्यकता जताते हुए मंत्री ने कहा की स्टेडियम के बगल में ऑडिटोरियम का निर्माण होगा। साथ ही बहुत जल्द मत्स्यगंधा का जीर्णोद्धार कार्य शुरू किया जायेगा। पूर्व विधायक प्रो0 अरुण यादव ने भी महोत्सव की भव्यता पर प्रकाश डाला। समारोह में जदयू और भाजपा के जिलाध्यक्ष धनिक लाल मुखिया एवं माधव चौधरी के अलावे अनेको लोग मौजूद थे। समारोह के प्रथम स्थानीय कलाकरों के साथ-साथ इन्डियन आईडल फैम मनीष कर्मकार का कार्यक्रम भी होगा |
राज्य सरकार के क्षेत्र की महत्ता बढ़ाने एवं पर्यटकों के प्रवाह को बढ़ाने की महत्वाकांक्षा के साथ राज्य स्तरीय कोसी महोत्सव की शुरुआत वर्ष 2002 में की गयी.
प्रारंभिक वर्ष 16 से 18 फरवरी तक तीन दिवसीय कोसी महोत्सव का आयोजन स्टेडियम परिसर में किया गया था. सोनवर्षा के विधायक सरकार के कला संस्कृति, पर्यटन एवं युवा विभाग के वरिष्ठ काबीना मंत्री रहे अशोक कुमार सिंह ने महोत्सव का उदघाटन किया. उस वक़्त सहरसा परिसदन मानो मिनी सचिवालय बन जाता था | मंत्री श्री सिंह के प्रयास से शुरू हुए इस महोत्सव में आधा दर्जन से अधिक कैबिनेट मिनिस्टर शामिल हुआ करते थे. उस समय तीन दिवसीय महोत्सव में आकर्षण घुड़दौड़, कुश्ती व पारासेलिंग हुआ करता था, जबकि पहली बार प्रमंडलीय सभागार में कोसी क्षेत्र के विद्वानों की परिचर्चा हुई थी.

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दिन में मंच पर स्थानीय कलाकार अपनी कला का जादू बिखेरते थे, तो शाम के बाद देर रात तक बाहर के कलाकार. जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार ने पहले महोत्सव में कालबेलिया (राजस्थानी समूह नृत्य), बिहू (असमिया समूह नृत्य) व छत्तीसगढ़ के समूह नृत्य से लोग पहली बार रु-ब-रु हुए.

कथक नृत्य के महान नर्तक मधुकर आनंद ने घंटों तक अविस्मरणीय प्रस्तुति देते मन मोह लिया था. कोसी महोत्सव के पहले आयोजन की सफलता में बिहार संगीत अकादमी, बिहार ललित कला अकादमी, बिहार खेल प्राधिकरण के साथ-साथ स्थानीय स्तर के सभी सरकारी, गैर सरकारी संस्थान, पक्ष व विपक्षी सभी राजनैतिक व गैर राजनीतिक संगठनों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था.पंकज उधास से लेकर अनुप जलोटा जैसे महान हस्ती इस महोत्सव में शरीक हो चुके है |