स्वर्ण व्यवसायी ने पत्रकार को पीटा !

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पत्रकार मनोज ठाकुर (फाइल फोटो)

सहरसा –पुलिस और अपराध के बीच छतीस का आकड़ा रहा है लेकिन पुलिस-अपराधी गठजोर का इतिहास पुराना रहा है | इसी की बानगी देखने को मिला,जिस थाने के पदाधिकारी और जवान को आरोपियों की गिरफ़्तारी करना चाहिए था वह पुलिस आरोपी के साथ मिलकर शराब शबाब का आनंद ले रहे थे |

क्या है मामला -:

अब बात करते है ताजा टीवी के पत्रकार मनोज ठाकुर के साथ मारपीट करने वाले कि | पुलिस के साथ मिलकर जमीन माफिया अब पत्रकार को भी नही छोड रहे है,हम बात कर रहे है सहरसा शहर के स्वर्ण व्यवसायी सह भूमाफिया संजय स्वर्णकार कि जिसने पत्रकार मनोज ठाकुर को जमीन हथियाने की नियत से घर में घुस कर मारपीट कर बुरी तरह घायल कर दिया जिसमे घायल पत्रकार श्री ठाकुर का सदर अस्पताल से ईलाज भी जारी है | इस घटना के बाद पत्रकार श्री ठाकुर द्दारा मंगलवार को सदर थाना में तहरीर(आवेदन) दिया गया था लेकिन बुधवार की शाम तक प्राथमिकी दर्ज नही किया गया और ना ही घटना स्थल पर जाँच के लिए कोई चौकीदार तक गया | है इतना जरुर हुआ की इस बीच के समय में स्वर्ण व्यवसायी की तरफ से भी एक आवेदन सदर थाना में देने का मौका पुलिस की और से दिया गया तब जाकर दोनों पक्षों का मामला सदर थाना में दर्ज होने की बात सामने आयी |

घायल पत्रकार मनोज (फाइल)
घायल पत्रकार मनोज (फाइल)

पुर्व से रहा है संजय का अपराधिक इतिहास –

पीड़ित पत्रकार मनोज ठाकुर द्दारा जानकारी दी गई है की संजय स्वर्णकार पर पुर्व से ही सदर थाने में कांड सं 221/04 आईपीएस की धारा 302,कांड सं-468/10,कांड सं-147/11 धारा 420 एवं कांड सं-575/15 में मुख्य आरोपी भी रहे है | मालुम हो की व्यवसायी पुर्व में एक हत्याकांड में काफी सुर्खियों में रहा है |

मारपीट के बाद भी बुधवार को दिनभर नज़र आए सदर थाना में संजय -:

सूत्रों की माने तो स्वर्ण व्यवसाई की दबंगता कहे या फिर पैसे की खनक कि जिसने एक पत्रकार के साथ मंगलवार को मारपीट करता है और जिसके विरुद्ध थाने में तहरीर दी गई हो वह व्यवसायी दिन भर थाने सहित वरीय पदाधिकारी के कार्यालय का चक्कर लगाते नज़र आ रहे थे |

पुलिस और उक्त भूमाफिया गठजोर का जीता जागता सबूत सिर्फ फोटो देखने से ही बया करता है |

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