आरोपी के साथ होटल अलंकार में अय्याशी करना मंहगा पड़ गया गया पुलिसकर्मी को ,3 निलंबित

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सहरसा। सदर एसडीपीओ सुबोध विशवास के चालक, अंगरक्षक और एक सिपाही को होटल अलंकार में अय्याशी करना मंहगा पड़ गया। पर यह भी सच है कि सब पुलिस वाले एक जैसे नहीं होते लेकिन जब तक पुलिस को बदनाम करने वालों को निकाल कर बाहर नहीं फेंक दिया जाता पुलिस को जनता इस तरह ही देखती रहेगी.

क्योंकि जनता के दिए हुए टेक्स के पैसे से ही पुलिस का सिस्टम भी चलता है इस लिए उन की धर्म केवल पैसे वाले दबंगों को सत्कार करना या उनका सत्कार स्वीकार करना बस मात्र हो गया है | तीनों को एसपी अश्वनी कुमार ने कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया। दरअसल हुआ ये की एसडीपीओ के तीनों स्टाफ बुधवार की देर रात एक आरोपी के साथ उसी के होटल में शराब और कबाब का मजा ले रहे थे और यही से ।

वीडियो देखने के बाद एसडीपीओ भी आग बबूला हो गए और उन्होंने सारी जानकारी एसपी को दे दी। बताया जाता है की तीनों स्टाफ खाना खाने के नाम पर यह कहते हुए गया कि कुछ ही देर में लौट रहे है। मगर जब काफी देर हुआ तो एसडीपीओ अपने मातहत पर गरमा गए और गुरुवार को सबक सिखाने की हिदायत दी। दरअसल जिस होटल में खाना पीना चल रहा था उस होटल के मालिक संजय स्वर्णकार पर एक निजी चैनल के रिपोर्टर मनोज ठाकुर से मारपीट करने का आरोप है। इस बाबत मनोज ने सदर थाना में लिखित आवेदन भी दिया है। फिलहाल मनोज सदर अस्पताल में भर्ती है। इसी बीच संजय ने एक सोची समझी रणनीति के तहत पोलिसकर्मियो को अपने होटल पर दावत में ले जाकर दूसरा मैसेज देने की कोशिश की। मगर शायद उसे यह नहीं पता था की इस रंगीन दावत का क्या अंजाम हो सकता है। एसपी ने कहा की एक न्यूज चैनल पर वर्दी और हथियार लेकर आम लोगों के साथ शराब पीने की घटना को गंभीरता से लेते हुए तीनों को गुरुवार को निलंबित कर दिया गया। निलंबित होने वालों में चालक संजीव झ, अंगरक्षक सौरभ कुमार और सिपाही अरुण कुमार शामिल है। हालांकि वीडियो के वायरल होने से सुशासन में पुलिसकर्मियों का घिनौना चेहरा फिर से उजागर होने से इंकार नहीं किया जा सकता है और विपक्ष को बैठे बिठाये एक बड़ा मुद्दा भी इसी बहाने हाथ लग गया ।IMG-20160316-WA0023