अपने ही इलाके में बेगाने हुए उदित नारायण

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सहरसा (कुणाल किशोर) – अपनी धमाकेदार आवाज की बदौलत बॉलीवुड(मायानगरी) में अपनी अलग सहित पापा कहते है बेटा बड़ा नाम करेगा जैसे गीतों से पहचान बनाने वाले पार्श्व गायक उदित नारायण अपने ही इलाके में बेगाने हो गए हैं। पर्यटन विभाग द्दारा कोसी इलाके में आयोजित कीए जाने वाले तीन महोत्सवों में अभी तक एक बार भी उदित नारायण को नहीं बुलाना इसका सबसे बड़ा नमूना है। जबकि तेरह वर्षों से लगातार हो रहे कोसी महोत्सव में कुमार शानू से लेकर मो० अजीज,कविता कृष्णमूर्ति, सोनू,अभिजीत, शब्बीर कुमार, अनूप जलोटा, पंकज उधास, चन्दन दास सहित कई नामी गिरामी कलाकार अपना जलवा बिखेर चुके हैं। सुपौल जिले के वायसी गाव् स्थित अपने निनिहल में बचपन गुजारने वाले उदित अपने ही इलाके की मिट्टी में अपनी कर्कश आवाज का जादू नहीं बिखेर सके हैं। लोगो को उम्मीद थी की उग्रतारा महोत्सव में उदित नारायण को बुलाये जाने की एक बार लोगों में आस जगी थी इस महोत्सव में अपने कोशी ओर मिथलांचल की गलियों में खेलने –कूदने वाले उदित का गाना सामने से सुनाई परे पर लोगो को फिर से निराशा हाथ लगी । कोसी प्रमंडल में पर्यटन विभाग का तीन महोत्सव आयोजित किया जाता है। इसमें कोसी महोत्सव विगत तेरह वर्षो से , उग्रतारा महोत्सव विगत चार वर्षो से और सिंहेश्वर महोत्सव विगत तीन वर्षों से होता आ रहा है लेकिन एक भी महोत्सव में उदित नारायण का कार्यक्रम नहीं हो सका । युवा समाजसेवी अमित आनंद का कहना है की विगत उग्रतारा महोत्सव की बैठक में उदित नारायण के बारे में चर्चा हुई थी,लेकिन पर्यटन विभाग का बजट इसके लिए पर्याप्त नहीं बताया गया। उदित के करीबियों का कहना है शुरू में दो बार कोसी महोत्सव के लिए संपर्क किया गया लेकिन एक बार के बाद फिर दुबारा कोई संपर्क तक नहीं साधा गया। सुपौल जिले के डागमरा स्थित अपनी बहन इंदिरा झा के यहाँ रहकर कुनौली हाई स्कूल से मैट्रिक पास करने वाले उदित अभी हाल ही में सोनपुर मेला में धूम मचा चुके हैं। चार भाइयों में तीसरे नंबर के उदित नारायण का नेपाल रेडियो से जिस पहला मैथिली गीत का प्रसारण हुआ उसके गीतकार भी संयोग से पूर्णिया जिले के धमदाहा निवासी रवींद्र नाथ ठाकुर हैं जो गीतकार रविन्द्र के नाम से मशहूर हैं और कई मैथिलि फ़िल्म बना चुके हैं।

एक नज़र-उदित नारायण हिन्दी फिल्मों के एक प्रसिद्ध नेपाली गायक हैं। उदित नारायन का जन्म 27 नवम्बर को नेपाल के सप्तरी जिले मे हुआ। उन्होने अपना पहला हिन्दी गाना मुकेश जी के साथ गाया। उन्हें तीन देशीय पुरस्कार तथा पांच फिल्म फैयर पुरस्कार मिले हैं। वर्ष 2009 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया। उदित नारायण एक प्रख्यात गायक के रूपमें जाने जाते है नेपाल में और भारत में भी। नेपाली फिल्म में उन्होंने बहुत हीट गाने गाए है। और उनका गीत अधिकतर लोगोको पसंद है। उनका स्वर में जादू है। वे किशोर अबस्था से ही गायन कला के क्षेत्र में लग गये थे जो की आज इस मुकाम पर है पूरी बोल्लीवुड में उनका एक बेहत्तर गायक माना जाता है आज भी। नेपाल में उनका स्वर से तुलना किसी गायक से भ नहीं की जा सकती है अभी के समय में भी। उदित जी का मातृभाषा मैथिली है और वो नेपालके मिथिलांचल इलाके से आते है। जैसे की नेपाल और भारत के बीच बेटी और रोटी का सम्बन्ध है उसी तरह उनका ननिहाल भारत का विहार राज्य में है।उदित नारायण को बॉलिवुड में आज ऐसा गायक कहा जा सकता है जिन पर किसी बड़े गायक के अंदाज का असर नहीं दिखता है. यही शायद उनकी कामयाबी की बड़ी वजह है. अब तक वह 30 भाषाओं में करीब 15 हजार गीत गा चुके हैं.