जेल की जमीन को हड़प कर बनाया मार्केट कॉम्पलेक्स !

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जेल की जमीन पर कब्ज़ा
अब फिर से अवैध निर्माण कर शेष बचे सरकारी जमीन को हड़पने की चल रही साजिश 
 
सहरसा-कुछ असामाजिक तत्वों व भूमाफियाओं ने साजिश के तहत सर्वे कार्यालय पुरानी जेल की जमीन को हड़प कर मंदिर के बहाने मार्केट कॉम्पलेक्स का निर्माण कर अवैध तरीके से किराया और बिक्री करने का दुःस्साहस वर्षों से करते आ रहा है। नाजायज खर्च के बलबूते भूमाफियाओं का दबदबा इस कदर हावी है कि डीसीएलआर सदर सहरसा व अंचल अधिकारी कहरा ने पुरानी जेल की जमीन को बजरंगबली मंदिर के रूप में दर्शा कर तकरीबन 52 डिसमिल सरकारी जमीन को कौरी के भाव में न केवल मकान निर्माण कर किराया पर लगा रहा है बल्कि किरायेदारों से मोटी रकम लेकर लंबे समय के लिए बंदोबस्त भी करने की खबर मिली है।
 जिला मुख्य्यालय के सहरसा स्थित वार्ड सं. 20 का ऐतिहासिक पुरानी जेल में ही कई दशकों तक सर्वे विभाग का कार्यालय और अभिलेखागार चलता रहा।जब इस पुरानी जेल से सर्वे कार्यालय और अभिलेखागार अन्यत्र चला गया तो कार्यालय में दलाली करने वाले कुछ भूमाफियाओं ने अंचल अधिकारी व डीसीएलआर सदर सहरसा से सांठगांठ कर जेल की जमीन को मंदिर के नाम करवा लिया। इसके बाद वर्ष 2013 में बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद से ऐन-केन प्रकरेण संबंद्धता करवा कर जमीन को हड़प कर न केवल मार्केट कॉम्पलेक्स बना रहा है बल्कि मोटी रकम लेकर बंदोबस्ती भी करने की खबर मिली है। 
                               अनुमंडल व जिला प्रशासन मौन,कैसे बचेगा सरकारी जमीन
जबकि इस पुरानी जेल में दो-दो मतदान केन्द्र का भी संचालन चुनाव में होती है। धार्मिक स्थलों पर बूथ बनाया ही नहीं जाता है। जब बूथ था तो उस स्थल पर अचानक विशाल मंदिर कैसे बन गया और ट्रस्ट भी बनवा लिया गया। जबकि यहां 15 अगस्त व 26 जनवरी को झंडोत्तोलन के लिए अपर समाहर्ता का आना-जाना होता रहा है। लेकिन पिछले कुछ सालों से भूमाफियाओं का एक बड़ा तबका इस सरकारी सम्पत्ति को न केवल अपना चारागाह बनाया है बल्कि अब खुलेआम पक्के का छतदार मकान बनाकर किराया भी लगाने लगा है। ये सभी कुकर्म और गैरकानूनी कार्य जिला व अनुमंडल प्रशासन के नाक के नीचे की जा रही है।
                                            दो मतदान केंद्र भी है यहाँ
हालांकि समय-समय पर जिला पदाधिकारी व अनुमंडल प्रशासन को भी आवेदन देकर लिखित शिकायत तक की गयी है। इसके बावजूद अबाध्य गति से चल रहे इस अवैध निर्माण कार्य पर रोक नहीं लग पा रही है। सूत्रों का कहना है कि इस अवैध निर्माण कार्य का संचालन सुनील कुमार विशवास नामक एक व्यक्ति के द्वारा किया जा रहा है। इनके साथ और भी कई सफेदपोष का अप्रत्यक्ष सहयोग मिल रहा है।