निगरानी के हत्थे चढ़े कहरा अंचलाधिकारी, घुस लेते गिरफ्तार ,

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घुस लेते गिरफ्तार (लाल घेरे में ) कहरा के सी०ओ अनिल सिंह

सहरसा – आज सुबह निगरानी पटना की टीम सहरसा पहुँच कर कहरा के अंचलाधिकारी अनिल सिंह के आवास पर छापामारी कर रंगे हाथ 20000 रूपए घुस लेते हुए गिरफ्तार कर पाने में सफलता मिली है,जानकारी के अनुसार सहरसा सदर थाना में पदस्थापित चौकीदार मोहन यादव से कहरा प्रखंड के अंचलाधिकारी अनिल कुमार सिंह  एरिअर भुगतान के एवज में घुस की मांग काफी समय से कर रहे थे, बार-बार घुस की मांग से तंग आकर चौकीदार मोहन यादव ने पटना निगरानी से संपर्क साधा,उसके बाद निगरनी की टीम ने जाल बिछा कर आज तडके सहरसा न्यू कॉलोनी स्थित भाड़े के मकान में 20000 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार करते हुए निगरानी की टीम पटना लेकर चल गई | वही पीड़ित चौकीदार ने कहा की सी०ओ साहब मेरे एरियल भुगतान के एवज में 40000 हजार रुपये की मांग किए थे,जब हमने घुस की राशी देने से मना कर दिया तो उन्होंने एरिअर की राशी निर्गत नही करने की धमकी देते हुए कहा की जब तक सेवा शुल्क नहीं दोगे तबतक राशी निर्गत नही होगी,पीड़ित ने पत्रकारों को बताया की सी०ओ साहब घुस की राशी के अलावे एक -दो दिनों पर घर का राशन,सब्जी की भी मांग किया करते थे| पीड़ित ने बताया की तंग आकर निगरानी के शरण में जाना पड़ा | छापेमारी में शामिल निगरानी डी०एस०पी मुन्ना प्रसाद ने पत्रकारों से कहा की कहरा सी०ओ द्दारा घुस की मांग सूचक से की गई थी,जिसकी पुष्टि होने के बाद वरीय अधिकारी के निर्देशन में छापेमारी कर 20000 हजार रूपए घुस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है |इस छापेमारी दल में निगरानी बिभाग के अन्य पदाधिकारी सहित जबान मौजूद थे | घुस लेते गिरफ्तार होने की खबर पुरे शहर में जंगल की आग की तरह फ़ैल गई हर किसी की जुवा पर बस इसी की चर्चा है |
पुर्व से भी विवादों में रहे है अनिल कुमार सिंह….

कहरा प्रखंड मुख्यालय स्थित बी०डी०ओ के सरकारी आबास की जमीन को निजी लोगो के हाथ बेच ने का भी मामला से भी सुर्खियों में रह चुके है | क्या है मामला -:  अंचल अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने मौजा कहरा थाना 195 जिला सहरसा के खाता संख्या 952/66 खेसर संख्या 4491/3094 रकबा 13 की भूखंड मंजू देवी की नाम से दाखिल-ख़ारिज कर दिया है |जो कहरा बी०डी०ओ के सरकारी आवास की जमीन है ,इस सन्दर्भ में सदर डी.सी.एल.आर राजीव कुमार ने पत्रांक-579-2/4.6.15 को विस्तृत जाँच प्रतिवेदन ज़िला पदाधिकारी को समर्पित किया था | जाँच प्रतिवेदन के आलोक में सी.ओ अनिल उम्र सिंह ने जिलाधिकारी को अपना स्पष्टीकरण भेजा था |इससे असंतुष्ट होकर जिलाधिकारी ने अपने पत्रांक 2027/गो./28.7.2015 के द्दारा डी.सी.एल.आर  से पुनः से मंतव्य की मांग की गई | डी.सी.एल.आर राजीव कुमार ने अपने मंतव्य में साफ़ कहा है की राजस्व कर्मचारी के कार्यलय में केस संख्या-2539/14-15 निर्गत शुद्धि पत्र की छाया प्रति का पाया जाना तथा मंजू देवी के नाम के जमाबंदी संधारित होने से स्पष्ट होता है की बी.डी.ओ के सरकारी आवास की जमीन का दाखिल-खरिज  की प्रकिया अपनायी गई है |बिहार भूमि दाखिल-ख़ारिज अधिनियम 2011 के नियमावली 2012 में स्पष्ट रूप से दाखिल-ख़ारिज का निष्पादन अंचलाधिकारी को करना है तथा इसके लिए अंचलाधिकारी ही जबाबदेह है | जो भी हो इसकी जाँच चल रही है,जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही मामले से पर्दा उठेगा | पर एक सवाल यह है की बी.डी.ओ के सरकारी आवास की जमीन दाखिल-ख़ारिज कि प्रक्रिया में सी.ओ  की संलिप्ता से इंकार नहीं किया जा सकता है |वही सूत्रों की माने तो घुस लेने में गिरफ्तार अंचलाधिकारी अनिल कुमार सिंह पर प्रपत्र ख गठित होने की भी बात सामने आ रही है |