पापी पेट का है सवाल

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तस्वीर : फाइल

सहरसा रेलवे स्टेशन पर चल रहे काम में खुले आम बाल मजदुरो से काम कराया जा रहा है, कोशी का यह इलाका हर बर्ष बाढ़ की समस्या से जूझता रहा है | कोशी की बलखाती धारा अभिशाप बन गई है |
बिहार के सहरसा रेलवे स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्य में सोनू जैसे कई बाल मजदूर काम कर रहे हैं. अधिकारी से लेकर ठीकेदार की मिलीभगत से यह खेल सबके सामने खुलेआम हो रहा है.
मुश्किल से 12 या 13 वर्ष का समस्तीपुर निवासी सोनू पढ़ लिख तो नहीं पाया लेकिन 300 रोज पर काम कर घर का खर्च उठा जरूर रहा है.

आप मानो या ना मानो पर बाल श्रम उन्मूलन का यही सच है. …