हाल ये दास्ताँ परिवहन बिभाग सहरसा का

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सहरसा – जिला परिवहन पदाधिकारी की मनमानी की बात करे तो कुछ कम नहीं होगा जी हाँ ऐसा ही कुछ वाक्या यहाँ देखने को मिला जब यहाँ लोगों की भीड़ देखकर जानना चाहा तो पता चला की परिवहन पदाधिकारी लोगों के आचरण के हिसाब से मिलते है और जब उनको किन्ही का आचरण अच्छा नहीं लगता तो वो उनका काम नहीं करते है इतना ही नहीं खाश बात तो यह है की सरकारी कागजात को भी वो कुछ नहीं समझते और उसे भी ंचूल्हे के हवाले कर देते है |
सुर्खियों में रहने वाला सहरसा परिवहन कार्यालय में लगा भीड़ है लोगो का जो कई दिनों से इस कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं और जरा तस्वीरों पर नज़ारे इनायत किजएगा साथ ही तस्वीर में इस चालान को देखे जिसे परिवहन पदाधिकारी के पास गए युवक को पहले तो डांट कर कर भगा दिया, फिर जब उक्त युवक ने इस बात की जानकारी मिडिया कर्मियों को दी तो साहब नाराज हो गए और उसके चालान पर आचरण सुधार कर आने की बात कही |
इस कार्यालय मैं किस तरह से परिवहन पदाधिकारी का अपना रुतवा चलता है जरा देखिये की इनके कार्यालय का दस्तावेज चूल्हे में नजर आ रहा है , जब मिडिया कर्मियों की नजर उस पर परती है तब जाकर बिभाग कहीं संजीदा होते हैं और कर्मी उस दस्तावेज को वहां से हटाने में लग जाते है |
जब परिवहन पदाधिकारी के आचरण के बारे मैं लोगो से जानना चाहे तो लोगो ने कहा की इन्हे किसी के परेशानी से कोई मतलब नहीं बस इन्हे मतलब है तो बस इतना की लोग किस तरह उनके कार्यालय का चक्कर लगाये इतना ही नहीं लोगों का कहना है की परिवहन पदाधिकारी गाड़ी पकडने के बाद चालान कार्यालय आकर लेने की बात करते है और कार्यालय आने पर मोटी रकम का उगाही करते हैं