मोबाईल फोन

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आज मोबाईल फ़ोन, शोभे सब के हाथ |
लड़का-लड़की फ़ोन को,रखते अपने साथ ||
रखते अपने साथ,करते प्रेम की बाते |
चलता प्रेम-प्रसंग,उनकी दिन ओर राते ||
कह”गोविन” कविराय,यह जाने सकल समाज |
फ़ेशन की दौड़ में, हम कूद पड़े है आज ||
साभार-कवि डॉ जी.पी शर्मा