राजनीती -शासन -समाज

1492

पटना मे जादूगर आया,जादू एक दिखाया। चुटकी बजा मंच पर उसने,भैसा एक बुलाया।।
मै झट खड़ा हुआ चिल्लाया,तु क्या किया कमाल। इस बिहार ने स्कूटर पर,ढोया भैस हजार।।
फिर जादुगर हाथ में लेकर,एक चकमक तलवार। एक लड़की के सिर को उसने,धड़ से दिया उतार।।
कटी हुई लड़की बोली,जादुगर ज़िंदाबाद। जादुगर बोला जनता से,नारा कर आवाद।।
मैँ फिर खड़ा हुआ और बोला,नेता हैं आवाद। लूट रहे जिनको,उनसे कारबाते ज़िंदाबाद।।
अलकतरा,यूरिया,कोयला,जो सब आज डकारे। ताल ठोककर आज मंच पर,देखो सभी दहाड़े।।
पूजा घर में चार करोड़,राशि रखा ले रिश्वत। वह संसद में जाने की,इच्छा रखता है उत्कट।।
कोटि-कोटि जनता भूखी है,दाना बिना बेलाला।आज करोड़ो की लागत पर,होती रैली-रैला।।

रचना –डॉ० मनोरंजन झा