Home / संपादकीय

संपादकीय

सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल क्षेत्र में जिउतिया पर्व धुम-धाम से मनाया गया

पुत्र की लंबी आयु के लिये माताऐं ने रखी निर्जला उपवास सिमरी बख्तियारपुर(सहरसा) ब्रजेश भारती की रिपोर्ट :- अनुमंडल क्षेत्र के तीनों प्रखंडों में तीन दिनों तक संतान की लंबी आयु के लिए किया जाने वाला जीवित्पुत्रिका या जिउतिया पर्व गुरूवार को बड़े ही हर्षौल्लास के साथ सम्पन्न हो गया …

आगे पढ़े »

समय बदला लेकिन तस्वीर नही, ना ही बदल पाई अनुमंडल क्षेत्र की तकदीर ही

25 वर्षो से गोदाम में चल रहा अनुमंडल कार्यालय व न्यायालय 22 सितंबर 1992 को हुआ था अनुमंडल का स्थापना सिमरी बख्तियारपुर(सहरसा) Brajesh Bharti की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट- इसी महीने के 22 तारीख को सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल स्थापना के पच्चीस वर्ष पूरे करेगा।स्थापना के इतने वर्षो बाद आज भी अनुमंडल कार्यालय …

आगे पढ़े »

बिहार के अपराधियों ने दो साल में पांच पत्रकारों की ली जान, हमले की कई वारदातों को दिया अंजाम !

अगर अब नहीं चेते तो देर हो जाएगी  राकेश प्रवीर, प्रदेश अध्यक्ष, एन यू जे आई, बिहार पटना : बिहार में पिछले दो सालों में पांच पत्रकारों की हत्या की जा चुकी हैं. इसके अलावा, पत्रकारों पर हमले के कई मामले दर्ज हैं. ताजा मामलों में अरवल में पंकज मिश्रा, …

आगे पढ़े »

राज्यरानी ट्रेन कांड की आज हैं चौथी बरसी,धमारा घाट स्टेशन का विकास नदारद

राज्यरानी एक्सप्रेस ट्रेन कांड की चौथी बरसी पर विशेष रिपोर्ट इसी स्टेशन पर 19 अगस्त 13 को ट्रेन से कट कर 28 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी आक्रोशित लोगो ने राज्यरानी के कई बोगीयों में लगा दी थी आग धमारा घाट से लौटकर कोशी एक्सप्रेस के लिये संपादक ब्रजेश भारती की …

आगे पढ़े »

कहीं डेंगराही अनशन का राजनीतिक करण तो नहीं हो रहा ?

अबतक एक दर्जन नेताओं का हो चुका आगमन पर परिणाम शून्य फरकिया वासियों की मांग का हो रहा पार्टीकरण सिमरी बख्तियारपुर(सहरसा)से ब्रजेश भारती की विशेष रिपोर्ट : राजा टेडरमल के जमाने से लेकर भारत की आजादी के 70 दशक के बाद आजतक कोशी प्रमंडल का एक ईलाका कोसी दियारा क्षेत्र …

आगे पढ़े »

नोटबंदी क्या एक ‘अनाड़ी’ फ़ैसला था ?

घबराइए नहीं. नक़दी की कड़की ख़त्म होनेवाली है! सरकार ने एलान कर दिया है कि जो पुराने नोट बाज़ार में वास्तविक रूप से चलन में थे, उनके आधे मूल्य के नये नोट दिसम्बर के अन्त तक बैंकों में पहुँच जायेंगे. और जो कुल करेन्सी बन्द हुई है, उसके तीन-चौथाई मूल्य …

आगे पढ़े »

राजनीति का ‘भक्ति काल’ !

नरेन्द्र मोदी अगर भारत को ‘ईश्वर की देन’ हैं (जैसा वेंकैया नायडू मानते हैं), तो जयललिता अपने समर्थकों के लिए ‘आदि परा शक्ति’ थीं! यानी महादेवी का अवतार! अगर पिछले ढाई साल में हमने ‘भक्त’ नाम की एक नयी और विराट प्रजाति का उदय देखा है, जिसके लिए मोदी ‘महामानव’ …

आगे पढ़े »

शराब…शराब और शराब : बिहार में असल बाढ़ अभी शराब की आई है !

मुकेश कुमार सिंह : आदिकाल से ही सोमरस यानि मदिरा और नारी का प्रेम सबसे गहरा,अटूट और महानतम माना गया है ।इस प्रेम में बलिदान और कत्लेआम की भी कई गाथाएं हैं ।फिलवक्त हमारा मौजूं विषय बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बाद पकड़ाने वाली शराब की खेप और शराब पीकर या …

आगे पढ़े »

पढ़ाई के नाम पर गले का फंदा और हाफ टिफिन की जिंदगी !

विष्णु स्वरूप /सहरसा : अभिभावकों के चिंताहर्णी यंत्र के रूप में बढ़ते कोंचग संस्थानों ने भले थोड़ी राहत दी हो, लेकिन सपनों को पूरा करने में आंषिक रूप से ही सफल हो पाता है. धंधे के नाम पर तेजी से पनपते इस कारोबार का सलाना अनुमानित व्यवसाय अरबों रूपये है. देषभर के …

आगे पढ़े »

रविश कुमार के ब्लॉग से : नेताओं,अपराधियों के निशाने पर पत्रकार !

बिहार के सीवान ज़िले के पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। हिन्दुस्तान अख़बार के ब्यूरो चीफ राजदेव रंजन की हत्या के मामले में कुछ गिरफ्तारी तो हुई है मगर ठोस सुराग़ नहीं मिले हैं। सब की निगाह हत्या के कारणों पर है। सीवान …

आगे पढ़े »