Home / विशेष / जनता की आवाज़ / बाल विकास परियोजना कार्यालय भंडार कक्ष में तब्दील !

बाल विकास परियोजना कार्यालय भंडार कक्ष में तब्दील !

बाल विकास परियोजना की हालत नहीं सुधरी,कार्यालाय क्रिया कलाप पर कई सवाल उठने लगे हैं
मधुबनी/अंधराठाढी@मोoआलम अंसारी : प्रखंड बाल विकास परियोजना की हालत सुधरने का नाम नहीं ले रही है।कहने को 140 अांगनवाडी केन्द्र क्रियाशील है। सरकारी आकड़ो के मुताविक इस प्रखंड में प्रतिदिन 13860 कुपोसित,अतिकुपोसित बच्चो ,गर्भवती व शिशुबती महिलाओ एवं युवती को पौस्टीक आहार मुहैया करना दर्शाती है। परन्तु सरजमीन पर यह सच होना आश्चर्य जान पडती है।
कागजी खानापूरी का खेल चल रहा है
इस संवंध में नव निर्वाचित प्रखंड प्रमुख शुभेश्वर यादव,पंसस विक्रम मंडल, मुखिया राजेश कुमार मिश्रा का कहना है कि आगनवाडी केन्द्रो में नामांकित वच्चो व महिलाओ के भौतिक सत्यापन कराने से वाल विकास परियोजना के वास्तविकता उजागर हो सकेगा । आकडो के मुताविक प्रखंड में 147 आगनवाडी केन्द्र स्वीकृत है जिसमें मात्र 140 क्रियाशील और सात सेविकाओ की चयन की मामला प्रक्रियाधीन है ।मात्र 35 अांगनवाडी केन्द्रो के पास हीं अपना भवन है। शेष अांगनवाडी केन्द्र या तो सेविका के दरबाजे पर चल रही है या उनके मनानुकूल जगहो पर संचालित होता रहा है।
परियोजना कार्यालय प्रखंड कार्यालय के एक तंग कोठरी में चल रहा है। उसी कक्ष में सीडीपीओ तीनो पर्यवेक्षिका एवं लिपिक के भी वैठने की व्यवस्था है। उसी कमरे में आगनवाडी केन्द्रो के लिए आवंटित सामग्री ,उपश्कर एवं विभिन्न तरह के कागजात जत्र-तत्र रखा परा हुआ है। प्रत्येक पंचायत में एक आगनवाडी केन्द्र को मोडल केन्द्र बनाया गया था। जहां आलमीरा टेबुल कुसी आदि की व्यवस्था की गयी थी ।
सीडीपीओ झंझारपुर में रहकर परियोजना चलाती है कार्यालय
लाभूक वर्ग के बीच आगनवाडी केन्द्र के उदेश्य के प्रति लोगो को जागरूक करने के लिए प्रति पंचायत में एक उदीपिका को नियोजित  किया गया था। सूत्रो के मुताविक फिलहाल उदीपिका की  सेवा समाप्त कर दी गयी है। वर्शो से रिक्त परे आंगनवाडी केन्द्र के क्रियाशील करने के लिए सेविका सहायिका का चयन किया गया । जिसमें मात्र तीन सेविका को प्रशिक्षण दिलाया गया ।  उन्नीस सहायिका एक वर्श से चयन के बाबजूद प्रशिक्षण के लिए राह देख रही है।
कहती है सेविका
आगनवाडी सेविका सहायिका के समक्ष भूखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। उनके मुताविक विगत कई माह से मानदेय नहीं मिला है।तीन माह से पोसाहार की राशि आवंटित नहीं की गयी है। जिस कारण पोसाहार बंद है। दिन प्रतिदिन कुपोसित वच्चो महिलाओ की उपस्थिति गिरती जा रही है।
विफल है सामाजिक अंकेक्षण समिति एवं निगरानी समिति
प्रत्येक माह के 15 तारीक को सामाजिक अकेक्षण समिति के बैठक में नौ विन्दुओ पर काम करनी है। सेविका सहायिका की कार्यशैली, टेकहोमराशन का वितरण पढाई की गुणवत्ता , लाभुको की सूचियो की जांच , केन्द्र के सभी आय व्यय का व्योरा लेना , वचपन दिवस ,महिला मंडल की वैठक ,सवला कार्यक्रम ,पोशाक योजना स्वास्थ्य जांच टीकाकरण ,आदि में विफल है।
क्या कहती है सीडीपीओ मनोरमा देवी 
आगनवाडी केन्द्रो के पास अपना भवन नही है। आईसीडीएस के उदेश्य के अनुपालन कराने के प्रति हमेश सचेत रहती हॅू । ताकि इसका उदेश्य की पूर्ति हो सके । आवंटन के अभाव में पोशाहार व मानदेय भुगतान लंवित था।वाल विकास परियोजना का अपना भवन भी नहीं हैं।प्रखंड भर में सभी आंगनवाडी केन्द्र ठीक ठाक चल रहा है।

About Kunal Kishor

और पढ़े

उल्लास पूर्वक मनाया गया अनुमंडल स्थापना दिवस

​सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल ने मनाया सिल्वर जुबली 22 सितंबर 1992 को सिमरी बख़्तियारपुर को मिला …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *