अभियंताओं की टीम ने बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया !

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आश्रय स्थल का निरीक्षण करते अधिकारी

मधेपुरा (संजय कुमार सुमन) : कोसी नदी में लगातार बढ़ते जलस्तर से चौसा प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। बाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए अभियंताओं की टीम ने बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। टीम ने फुलौत में बने बाढ़ आश्रय स्थल का भी निरीक्षण किया।मालूम हो कि प्रखंड के फुलौत पूर्वी,फुलौत पश्चिमी,लौआलगान पश्चिमी एवं मोरसंडा पंचायत के निचले हिस्से में पानी के प्रवेश करने से कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। बाढ़ की स्थिति का जायजा स्वयं जिला पदाधिकारी मु0सौहेल ने फुलौत में नौका यात्रा कर लिया और मौके पर उपस्थित कई अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिया।

टीम में शामिल

लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए अभियंताओं की टीम ने फुलौत गांव का दौरा कर बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का जायजा लिया। टीम में शामिल बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के कार्यपालक अभियंता कामेश्वर रजक,कनीय अभियंता मोहित गुप्ता,उमेश प्रसाद एवं सहायक अभियंता रामविलाश यादव ने फुलौत गांव की कटाव की स्थिति का भी जायजा लिया। इसके बाद अभियंताओं की टीम फुलौत में 90 लाख 80 हजार की लागत से बने बाढ़ आश्रय स्थल का भी निरीक्षण किया। बाढ़ आश्रय स्थल का निरीक्षण काफी बारिकी से करने के उपरांत अभियंताओं की टीम काफी संतुष्ट दिखे। कार्यपालक अभियंता श्री रजक ने कहा कि कोसी का जलस्तर बढ़ रहा है लेकिन फुलौत में कटाव की कोई स्थिति नहीं है। बाढ़ पीड़ितों के रहने के लिए फुलौत में बाढ़ आश्रय स्थल का निर्माण कराया गया है। जो सरकारी नियमानुसार किया गया है।

एक मात्र सहारा नावkoshixpress
बताया जाता है कि मोरसंडा पंचायत के मोरसंडा,अमनी,महादलित टोला करेलिया मुसहरी,श्रीपुर बासा,परवत्ता,सिढ़ो बासा,फुलौत पूर्वी पंचायत के करेल बासा,अनूपनगर नयाटोला,पिहोड़ा बासा,बड़ी खाल,बड़बिग्घी,फुलौत पश्चिमी पंचायत के झंडापुर बासा,पनदही बासा,घसकपुर,सपनी मुसहरी आदि गांवों के चारो तरफ बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। पानी आने से गांवों का आवागमन ठप्प हो गया है। अब एक मात्र सहारा नाव बचा है। तियर टोला और हाहाधार में अवागमन के लिए बने चचरी पुल के डूब जाने एवं पदेय बासा से धुमावती स्थान,बरीखाल से धुमावती स्थान,करेल बासा से एनएच 106,नवटोलिया से डाक बंगला चैक,पिहोरा बासा से डाक बंगला चैक तक की सड़क पानी में डूब जाने से फुलौत बाजार का भी संपर्क बंद हो गया है। आवश्यक सामग्री की खरीद के लिए अब लोगों को काफी सोचना पड़ रहा है।

अंचल अधिकारी अजय कुमार बताते हैं कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों पर प्रशासन की पूरी नजर है। फिलहाल चिंता की कोई बात नही हैं। जिस गांव का आवागमन बाधित हुआ है वहां नाव का परिचालन किया जा रहा हैै|